इंदौर में ‘ऊर्जस्विनी सेंटर’ बना ऑटिज्म व डिस्लेक्सिया वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद
इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 17 अप्रैल: बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में आने वाली चुनौतियों को लेकर आजकल माता-पिता काफी जागरूक हो गए हैं। इंदौर जैसे शहर में Autism (ऑटिज्म), Down Syndrome (डाउन सिंड्रोम) और Dyslexia (डिस्लेक्सिया) जैसी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को सही दिशा और उपचार देने के लिए Urjasvini Child Development Center (ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर) एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी क्लीनिकल एंड चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट (Clinical and Child Psychologist Dr Vini Jhariya ) डॉ. विनी झारिया ने बच्चों के विकास में आने वाली इन बाधाओं और उनके समाधान पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
ऑटिज्म और डिस्लेक्सिया: समय पर पहचान है जरूरी- डॉ. विनी झारिया के अनुसार, अक्सर माता-पिता बच्चों के बोलने में देरी या सीखने की अक्षमता को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।...
