तिरंगे से लेकर पौधों तक, इगतपुरी के आदिवासी स्कूल में आज़ादी बनी बच्चों के सपनों की उम्मीद
नई दिल्ली,13 अगस्त: इगतपुरी की पहाड़ियों के बीच 15 अगस्त की सुबह हमेशा कुछ अलग ही होती है, हवा में ठंडक होती है पेड़ों की हरियाली मन को छूती है , और दूर तक फैली प्रकृति के बीच तिरंगे को लहराते देखना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है लेकिन इस बार इगतपुरी के एक आदिवासी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का माहौल सिर्फ देशभक्ति के नारों और ध्वजारोहण तक सीमित नहीं था, यहां आजादी का जश्न कुछ ऐसा था जिसे देखने के बाद देर तक मन में एक बात बनी रही कि शायद किसी भी उत्सव की असली खूबसूरती तभी होती है जब उसकी खुशी किसी दूसरे के जीवन तक पहुंचती है।
Nirvana Naturopathy and Retreat Igatpuri Nashik की Gurumaa Yogita Khatri जब स्कूल के बच्चों के बीच पहुंचीं तो उनके आने का अंदाज किसी formal chief guest जैसा नहीं था , वह सीधे बच्चों के बीच गईं उनसे मिलीं उनसे बातें कीं और कुछ ही देर में माहौल ऐसा बन गया जैसे कोई बाहरी...


