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डायलिसिस एक्सेस: भारत में CKD मरीजों के लिए Vascular Surgeon की बढ़ती आवश्यकता

नई दिल्ली,13 अगस्त: भारत में Chronic Kidney Disease (CKD) और End-Stage Kidney Disease (ESKD) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर वर्ष हजारों नए मरीजों को हीमोडायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है। डायलिसिस की सुविधाएँ बढ़ रही हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण चुनौती आज भी बनी हुई है—समय पर सुरक्षित और टिकाऊ vascular access की उपलब्धता तथा प्रशिक्षित Vascular Surgeons की कमी। Indian Journal of Vascular and Endovascular Surgery में प्रकाशित “Arteriovenous Access: The Unsung Hero of Vascular Surgery – An Indian Perspective” में भी इस बात पर बल दिया गया है कि भारत में dialysis access की सबसे बड़ी चुनौतियों में समय पर विशेषज्ञ तक पहुँच और vascular access सेवाओं का सीमित प्रसार शामिल है। वास्तविक समस्या यह है कि अधिकांश मरीज Vascular Surgeon के पास तब पहुँचते हैं जब डायलिसिस पहले ही शुरू हो चुकी होती है। क...
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वडोदरा में डॉ. मनु शर्मा ने 150 सफल Knee Replacement Surgery का मुकाम हासिल किया

सूरत (गुजरात) [भारत],22 जुलाई: 15,000+ सफल Knee Replacement Procedures का अनुभव और Patient-Centric Treatment के साथ वडोदरा में आधुनिक Knee Replacement Care को मिल रही नई पहचान भारत में Knee Replacement Care तेजी से आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रहा है। बेहतर Surgical Techniques, आधुनिक Implant Technology और Patient-Centric Treatment के कारण मरीजों को पहले की तुलना में अधिक सटीक उपचार और तेज़ Recovery का लाभ मिल रहा है। इसी बदलाव के बीच गुजरात के वरिष्ठ Knee Replacement Surgeon डॉ. मनु शर्मा ने वडोदरा में 150 सफल Knee Replacement Surgeries पूरी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम बहुत कम समय में हासिल किया है, जो उनके प्रति मरीजों के बढ़ते विश्वास और आधुनिक Knee Replacement Treatment की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ डॉ. मनु...
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भारत की अग्रणी CAR T-सेल थेरेपी से ब्लड कैंसर मरीजों को दो साल तक राहत

बेंगलुरु (कर्नाटक) [भारत], 21 मई: भारतीय ऑन्कोलॉजी देखभाल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, की मेड-इन-इंडिया CAR T-सेल थेरेपी ने आक्रामक ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों में देश की पहली ज्ञात दीर्घकालिक रोगमुक्ति हासिल की है। वर्ष 2022 में उपचार प्राप्त करने वाले सात मरीज अब दो वर्षों से अधिक प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल (PFS) पार कर चुके हैं, जो भारत में विकसित किसी भी CAR T-सेल थेरेपी के लिए पहली उपलब्धि है। यह सफलता Immuneel के दृष्टिकोण की स्थायित्व क्षमता और आक्रामक ब्लड कैंसर के मरीजों के उपचार परिणामों को बदलने की उसकी क्षमता को मजबूत करती है। यह CAR T-सेल थेरेपी, जिसे Varnimcabtagene autoleucel (IMN-003A) के नाम से जाना जाता है, Immuneel के IMAGINE फेज-2 क्लीनिकल ट्रायल के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य relapsed या refractory CD19-positive B-cell Non-Hodgkin Lymphoma (B-NHL) से ...
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भारत की अग्रणी CAR T-सेल थेरेपी से ब्लड कैंसर मरीजों को दो साल तक राहत

बेंगलुरु (कर्नाटक) [भारत], 21 मई: भारतीय ऑन्कोलॉजी देखभाल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, की मेड-इन-इंडिया CAR T-सेल थेरेपी ने आक्रामक ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों में देश की पहली ज्ञात दीर्घकालिक रोगमुक्ति हासिल की है। वर्ष 2022 में उपचार प्राप्त करने वाले सात मरीज अब दो वर्षों से अधिक प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल (PFS) पार कर चुके हैं, जो भारत में विकसित किसी भी CAR T-सेल थेरेपी के लिए पहली उपलब्धि है। यह सफलता Immuneel के दृष्टिकोण की स्थायित्व क्षमता और आक्रामक ब्लड कैंसर के मरीजों के उपचार परिणामों को बदलने की उसकी क्षमता को मजबूत करती है। यह CAR T-सेल थेरेपी, जिसे Varnimcabtagene autoleucel (IMN-003A) के नाम से जाना जाता है, Immuneel के IMAGINE फेज-2 क्लीनिकल ट्रायल के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य relapsed या refractory CD19-positive B-cell Non-Hodgkin Lymphoma (B-NHL) से ...
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इंदौर में ‘ऊर्जस्विनी सेंटर’ बना ऑटिज्म व डिस्लेक्सिया वाले बच्चों के लिए नई उम्मीद

इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 17 अप्रैल: बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में आने वाली चुनौतियों को लेकर आजकल माता-पिता काफी जागरूक हो गए हैं। इंदौर जैसे शहर में Autism (ऑटिज्म), Down Syndrome (डाउन सिंड्रोम) और Dyslexia (डिस्लेक्सिया) जैसी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को सही दिशा और उपचार देने के लिए Urjasvini Child Development Center (ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर) एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। ​सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी क्लीनिकल एंड चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट (Clinical and Child Psychologist Dr Vini Jhariya ) डॉ. विनी झारिया ने बच्चों के विकास में आने वाली इन बाधाओं और उनके समाधान पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। ​ऑटिज्म और डिस्लेक्सिया: समय पर पहचान है जरूरी- डॉ. विनी झारिया के अनुसार, अक्सर माता-पिता बच्चों के बोलने में देरी या सीखने की अक्षमता को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।...
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सिद्ध अस्पताल के चेयरमैन डॉ अनुराग मेहरोत्रा की पहल :हॉस्पिटल ऑन व्हील्स से NCDs के खिलाफ अभियान

नई दिल्ली, अप्रैल 07: भारत एक ऐसी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है जो संक्रमण से नहीं फैलती, फिर भी चुपचाप और लगातार लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) जैसे उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियां अब देश में होने वाली अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। संचारी रोगों के विपरीत, ये स्थितियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं, अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के, और ज्यादातर तब पता चलती हैं जब नुकसान पहले ही अपरिवर्तनीय हो चुका होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्ष 2021 में ग्लोबल स्तर पर नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के कारण कम से कम 4.3 करोड़ मौतें हुईं। भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है। हाल के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2023 के बीच NCDs देश में कुल मौतों का लगभग 57-63% हिस्सा हैं। बदलाव स्पष्ट है: भारत का रोग बोझ...
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से मिली पहचान

लुधियाना (पंजाब), मार्च 16: आयुर्वेद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा चुकी है। आयुर्वेद और इसके निवारक स्वास्थ्य उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लुधियाना के किंग्सविल रिज़ॉर्ट में डॉ. शारदा आयुर...
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सैदनपुर में 20वां निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 100 से अधिक मरीजों का चेकअप

रोगमुक्त भारत अभियान के तहत 20वाँ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर व खिचड़ी भोज सफल नोएडा (उत्तर प्रदेश) [भारत], 21 जनवरी: सैदानपुर (बाराबंकी) स्थित श्री साहेब सारंदास कुटी, खिदरापुर मेंलेट सुषमा देवी फाउंडेशन एवं विश्व हिंदू एकता महासंघ (भारतीय) के संयुक्त तत्वावधान में“रोगमुक्त भारत 2035” अभियान के अंतर्गत आयोजित 20वाँ निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर एवं खिचड़ी भोज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर में 100 से अधिक मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।शिविर में ईसीजी, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, सामान्य स्वास्थ्य जाँच जैसी सुविधाएँ उपलब्ध रहीं।आवश्यकतानुसार मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श एवं मार्गदर्शन भी दिया गया। कार्यक्रम लेट सुषमा देवी फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. दिव्यांशु पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर मेंडॉ. विवेक सोनी (राष्ट्रीय प्रभारी, विश्व हिंदू एकता महासंघ),श्रीमती मीरा वर्मा (...
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बाराबंकी के मलौली में 14वां निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर संपन्न

बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) , दिसंबर 18: रोगमुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में लेट सुषमा देवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित 14वां निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर आज सिद्धेश्वर मठ, मलौली (बाराबंकी) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।   इस शिविर का आयोजन डॉ. दिव्यांशु पटेल (Director/Chairman) के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें 70 से अधिक मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। शिविर में रक्तचाप, शुगर, सामान्य रोगों की जांच के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य परामर्श भी प्रदान किया गया।   ग्रामीण क्षेत्र के महिला, बुजुर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों ने शिविर का विशेष लाभ उठाया। स्वास्थ्य टीम ने प्रत्येक मरीज को समय देकर मानवीय संवेदना के साथ सेवा प्रदान की, जिससे स्थानीय लोगों में जागरूकता और विश्वास दोनों बढ़ा। डॉ. दिव्यांशु पटेल ने कहा कि “रोगमुक्त भारत ...
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Corticobasal® और Strategic Implantology में Delhi NCR के Leader

नई दिल्ली, दिसंबर 15: डॉ. रोहित यादव, दिल्ली NCR के एक प्रमुख कॉर्टिकोबासल® और स्ट्रेटेजिक इम्प्लांटोलॉजिस्ट (Corticobasal® and Strategic Implantologist), तत्काल, ग्राफ्ट-मुक्त डेंटल इम्प्लांट समाधान (dental implant solutions) प्रदान करते हैं। Corticobasal® Implantologist के रूप में डॉ. रोहित यादव ऐसी तकनीक का उपयोग करते हैं जिसमें जबड़े की मजबूत और घनी cortical bone का इस्तेमाल होता है। यह हड्डी तुरंत स्थिरता प्रदान करती है, जिससे 48 से 72 घंटे के भीतर fixed teeth लगाए जा सकते हैं। इस पद्धति में पारंपरिक इम्प्लांट्स की महीनों लंबी healing की आवश्यकता नहीं होती। Strategic Implantologist के रूप में Strategic Implantology में वे biomechanical principles को लागू करते हैं, जिससे full-mouth rehabilitation संभव हो पाता है—चाहे केस कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।Diabetes, osteoporosis या low bon...