Tag: lifestyle

लाइफस्टाइल

भारतीय संग्रहालय में खिल उठे वसंत उत्सव के रंग

प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित वसंत उत्सव में संदीप भूतोड़िया द्वारा महाकवि जयदेव की कृति “गीत गोविंदम्” आधारित प्रस्तुति कोलकाता (पश्चिम बंगाल), मार्च 13: ऐतिहासिक भारतीय संग्रहालय के भव्य प्रांगण में आयोजित वसंत उत्सव- महाकवि जयदेव के “गीत गोविंदम्” को समर्पित रहा। रंग, रस और राधा-कृष्ण प्रेम’ शीर्षक यह सांस्कृतिक संध्या भारतीय संग्रहालय जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है तथा प्रभा खेतान फाउंडेशन के तत्वावधान में संपन्न हुआ। वसंत की मृदुल बयार के साथ यह आयोजन रंग, राग और भक्ति के अनुपम समन्वय का साक्षी बना। कार्यक्रम में संस्कृतिकर्मी एवं लेखक संदीप भूतोड़िया की काव्यात्मक प्रस्तुति ने श्रोताओं को वृंदावन की आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ दिया। शब्दों के माध्यम से राधा-कृष्ण के पवित्र प्रेम की अनंत संवेदनाएँ सजीव हो उठीं और संध्या का भावपूर्ण स्वर निर...
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ई-वेंट के “लाइटनिंग” स्कूटर ने मचाई हलचल, 160 किमी रेंज, कीमत रु. 99,999 से कम

कोलकाता (पश्चिम बंगाल), मार्च 13: भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार दावों, स्पेसिफिकेशन और फीचर लिस्ट से भरा हुआ है, लेकिन एक नया ब्रांड ऐसी वजह से चर्चा में है जो वास्तव में मायने रखती है। यह वही दे रहा है जिसकी उपभोक्ताओं को सच में जरूरत है। ई-वेंट के लाइटनिंग स्कूटर के लॉन्च के साथ ईवी बाजार में बातचीत अब अधिक फीचर्स से हटकर असली वैल्यू पर केंद्रित होती दिख रही है। एक ऐसे सेगमेंट में जहां बड़ी बैटरी आमतौर पर काफी अधिक कीमत के साथ आती है, लाइटनिंग ने इस नियम को बदल दिया है। यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 3 kWh बैटरी प्लेटफॉर्म के साथ आता है, जो 160 किमी IDC रेंज प्रदान करता है, और इसकी कीमत ₹99,999/- (एक्स-शोरूम) से कम रखी गई है। अधिक बैटरी क्षमता, बेहतर रेंज और किफायती कीमत का यह संयोजन आज के ईवी बाजार में दुर्लभ है, जिससे लाइटनिंग किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर कैटेगरी में सबसे चर्चित लॉन्च में से ए...
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज का डॉ. अभिषेक वर्मा के निवास पर आगमन

नई दिल्ली, मार्च 12: द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज जी ने हाल ही में शिवसेना (एनडीए) गठबंधन एवं चुनावों के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा के नई दिल्ली स्थित निवास पर पधारकर उन्हें तथा उनके परिवार को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। यह भेंट आध्यात्मिक गरिमा, श्रद्धा और सार्थक संवाद से परिपूर्ण रही, जिसमें सनातन परंपरा, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्वों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक वर्मा की पत्नी श्रीमती अंका वर्मा तथा युवराज आदितेश्वर वर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य जी का स्वागत करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। परिवार के साथ हुए आत्मीय संवाद में शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म की शाश्वत शिक्षाओं और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदा...
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शिक्षा से समाज परिवर्तन की प्रेरक कहानी

डॉ. सिद्धार्थ शंकर राजू : संघर्ष से सफलता तक की यात्रा नई दिल्ली, मार्च 12: ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा, शोध और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ. सिद्धार्थ शंकर राजू आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उनका जीवन यह दर्शाता है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। डॉ. सिद्धार्थ शंकर राजू का जन्म बिहार के दरभंगा जिले के कसरौर गाँव में श्री बिश्वा मोहन झा और श्रीमती सुनैना देवी के घर हुआ। साधारण ग्रामीण परिवार में पले-बढ़े डॉ. राजू ने प्रारंभ से ही शिक्षा को अपने जीवन का आधार बनाया। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और धीरे-धीरे शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान स्थापित की। वर्तमान में डॉ...
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प्रशांत महाराज जी के मार्गदर्शन में शिव शक्ति अनुग्रह पीठ – आध्यात्मिक चेतना और मानव सेवा का केंद्र

नई दिल्ली, मार्च 05: आज के तेज़ी से बदलते सामाजिक और भौतिक युग में जब मानव जीवन तनाव, अशांति और नैतिक विचलन से जूझ रहा है, ऐसे समय में प्रशांत मिश्रा महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में स्थापित शिव शक्ति अनुग्रह पीठ समाज को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास कर रही है। यह संस्था केवल एक धार्मिक संगठन नहीं, बल्कि मानव जीवन को संतुलन, शांति और आत्मबोध की दिशा में प्रेरित करने वाला एक सामाजिक आंदोलन बन चुकी है। आध्यात्मिक उद्देश्य और विचारधारा शिव शक्ति अनुग्रह पीठ का मूल उद्देश्य सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों का प्रचार–प्रसार करना है। संस्था यह मानती है कि शिव केवल उपासना का विषय नहीं, बल्कि चेतना का प्रतीक हैं। प्रशांत महाराज जी के अनुसार, “जब मनुष्य अपने भीतर की चेतना को जाग्रत करता है, तभी उसका जीवन सही अर्थों में सार्थक बनता है।” संस्था लोगों को अ...
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सेवा और साधना की जीवंत मिसाल: प्रशांत महाराज जी का शिवशक्ति अनुग्रह पीठ

भोपाल (मध्य प्रदेश), फरवरी 28: मौन साधना से जनसेवा तक, समाज परिवर्तन का एक दिव्य अभियान पहाड़ों की गुफाओं में की गई दीर्घकालीन मौन साधना और समाज सेवा का दृढ़ संकल्प — यही शिवशक्ति अनुग्रह पीठ की पहचान है। प्रशांत महाराज जी आज भी अपना अधिकांश समय साधना में व्यतीत करते हैं, किंतु उनकी साधना का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से पीठ द्वारा संचालित निःशुल्क सेवाओं में स्पष्ट दिखाई देता है। प्रशांत महाराज जी का स्पष्ट संदेश है — “सेवा ही शिवत्व है।” उनका मानना है कि संत का कर्तव्य लेना नहीं, बल्कि देना होता है। इसी विचारधारा के साथ शिवशक्ति अनुग्रह पीठ समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए अनेक निःशुल्क सेवाएँ संचालित कर रहा है। प्रशांत महाराज जी कई बार लगातार 41 दिनों तक मौन व्रत के साथ कठोर साधना कर चुके हैं। उन्होंने पहाड़ों, जंगलों और एकांत स्थलों में वर्षों तक ध्यान साधना की है। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने अन्न क...
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वेदांता एल्युमिनियम ने लांजीगढ़ क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान का नेतृत्व किया

कलाहांडी (ओडिशा), फरवरी 09: वेदांता एल्युमिनियम, जो भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है, ने हाल ही में अपने लांजीगढ़ एल्यूमिना रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्रों में दो दिवसीय कैंसर जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण ओडिशा और छत्तीसगढ़ में रोगियों के अनुकूल कैंसर देखभाल के प्रति कंपनी की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को और मज़बूती मिली। अभियान के तहत कैंसर के बचाव, शुरुआती पहचान और उपलब्ध उपचार के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई, जिससे 500 से अधिक लोग लाभान्वित हुए, जिनमें फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मी और छात्र भी शामिल थे। इस अभियान के तहत कंकेरी गांव में समुदाय-केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां ग्रामीणों ने डॉक्टरों से सीधे संवाद कर कैंसर की पहचान, उपचार और रिकवरी से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। मेडिकल विशेषज्ञता को जमीनी स्तर के संपर्क से जोड़ते हुए यह क...
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पासी समाज का गौरवशाली इतिहास -अंशुल वर्मा पूर्व सांसद हरदोई

नई दिल्ली, फरवरी 07: मदारी पासी आज भी अवध के लोकगीतों और कथाओं में जीवित हैं, लेकिन मुख्यधारा इतिहास में उन्हें कम ही स्थान मिला क्योंकि राष्ट्रवादी इतिहास संभ्रांतवादी नेताओं पर केंद्रित रहा। आंदोलन ने किसान अधिकारों की बहस को मजबूत किया, जो स्वतंत्र भारत में भूमि सुधारों में योगदान दिया। हालांकि, इसका हिंसक स्वरूप और दमन ने दिखाया कि औपनिवेशिक शासन कितना क्रूर था। मदारी पासी का जन्म सन 1860 में उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मोहनजगंज गाँव में हुआ था। उनके पिता मोहन पासी एक गरीब किसान थे। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के धूल-धूसरित खेतों में जन्मे एक साधारण किसान पुत्र, पासी जाति के उस योद्धा की कहानी, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अनकही पीड़ा और आग का प्रतीक बन गया। ब्रिटिश साम्राज्य की क्रूर नजर में “अस्पृश्य” और “अपराधी जनजाति” ठहराई गई उनकी जाति के बावजूद, उन्होंने 1921-1922 में अवध की ...
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में Dr. Cancer पहल का लोगो लॉन्च किया

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), फरवरी 05: उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में ‘Dr. Cancer’पहल के आधिकारिक लोगो का लोकार्पण किया।इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, सामाजिक प्रतिनिधि और आयोजन से संबंधित टीम मौजूद रही। लोगो लॉन्च के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान (Early Detection), जन–जागरूकता और मरीजों को सहयोग स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं।उन्होंने पहल से जुड़ी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समुदाय स्तर पर जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम मजबूत होता है। इस पहल के संबंध में‘Dr. Cancer’ और संवेदना होम्योपैथिक क्लिनिक के निदेशक डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कैंसर जागरूकता, स्क्रीनिंग/रिफरल मार्गदर्शन, तथा मरीजों की गुणवत्ता–जीवन (Quality of Life) बेहतर करने के लिए सपोर्टिव केयर से ...
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वेदों से लेकर रामचरितमानस तक, दिल्ली में गूंजा मुरारी बापू का संदेश

नई दिल्ली, जनवरी 28: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और सनातन धर्म की प्रखर आवाज मोरारी बापू द्वारा राजधानी नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा का समापन हुआ। 17 जनवरी से 25 जनवरी तक चली इस कथा का शीर्षक ‘मानस सनातन धर्म’ था, जिसका समापन गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ। वेदों सहित विभिन्न शास्त्रों का संदर्भ देते हुए मोरारी बापू ने समझाया कि सनातन धर्म ही एकमात्र शाश्वत धर्म है, जिसे किसी ऐतिहासिक तिथि या कालखंड की सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। उन्होंने कहा कि यह धर्म सभी आध्यात्मिक परंपराओं के सार को जोड़ता है और इसके केंद्र में सत्य, प्रेम, करुणा और अहिंसा के मूल्य समाहित हैं। बापू ने आगाह किया कि सदियों से सनातन धर्म को कमजोर करने के कई बाहरी प्रयास हुए हैं, लेकिन आज सबसे बड़ा खतरा आंतरिक विभाजन से है। उन्होंने उन संप्रदायों पर चिंता व्यक्त की जो मनघड़ंत देवता (सनातन में ...