क्या Phone आपको आपसे बेहतर जानता है? गुरुमां योगिता खत्री ने बताई Digital Habits की सच्चाई
एक शाम एक युवा लड़की मेरे सामने बैठी थी। बातचीत के बीच अचानक उसका phone vibrate हुआ। उसने बात रोक दी, screen देखी, message का जवाब दिया और फिर phone table पर रख दिया। कुछ ही मिनट बाद फिर वही हुआ। मैंने उससे पूछा, “क्या कोई बहुत जरूरी message था?” उसने मुस्कुराकर कहा, “नहीं… बस check कर रही थी।”
यही “बस check कर रही थी” शायद आज की digital generation की सबसे सामान्य आदतों में से एक है। हम phone को तब भी देखते हैं जब कोई notification नहीं आया होता। हम screen unlock करते हैं, बिना किसी स्पष्ट कारण के। कभी-कभी हमें यह भी याद नहीं रहता कि phone क्यों उठाया था। और शायद यहीं से एक बड़ा सवाल शुरू होता है: क्या हम अपने phones का इस्तेमाल कर रहे हैं, या धीरे-धीरे हमारे phones हमारी आदतों का इस्तेमाल करने लगे हैं?
Phone केवल Device नहीं रहा
एक समय mobile phone communication का साधन था। आज वह हमारी ala...




