आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचना ही सच्ची सेवा है – श्री गणपत बांठिया
समाज सेवक होने का सबसे पसन्दीदा पहलू कौनसा है, यह पूछने पर उन्होने कहा कि समस्याएँ ढूँढना और उन्हे सुलझाना यह है|
कभी कभी हमें लगता है कि गरीबी का अर्थ सिर्फ खाली पेट होना, नंगा और बेघर होना है| किसी को न चाहने की, प्रेम न करने की और देखभाल न करने की गरीबी सबसे बड़ी गरीबी है| इस गरीबी को दूर करने के लिए अनिवार्य रूप से हमें पहले अपने घरों में शुरुआत करनी चाहिए| बच्चे, संकट में फंसे किशोर, शोषित महिलाएँ और बेघर व्यक्तियों के लिए यह दुनिया एक बड़ी डरावनी जगह हो सकती है| अधिक सुरक्षित, अधिक सुरक्षा होनेवाला घर एक व्यक्ति से ही शुरू होता है|
13 जून को जन्म दिन होनेवाले दृरदृष्टि के नेता श्री गणपत बांठिया बलोत्रा के सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक और उद्यमी हैं| उनके राजनीतिक और सामाजिक कार्य के करिअर में गणपत बांठिया ने भारतीय जनता पार्टी (राजस्थान) में कार्यकारी सदस्य के तौर पर, आईटीआई कॉल...

