लाइफस्टाइल

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सतीश सनपाल: परोपकार और उद्देश्य-प्रेरित नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना

नई दिल्ली,29 अगस्त: सतीश सनपाल, जो यूएई स्थित उद्यमी और व्यवसायिक नेता हैं, ऐसे नेतृत्व दर्शन से तेजी से जुड़े हुए हैं जो व्यवसायिक विकास और वित्तीय उपलब्धियों से आगे बढ़ता है। अपनी परोपकारी पहलों के माध्यम से, सनपाल सामाजिक प्रभाव, सामुदायिक सशक्तिकरण और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक सफलता का माप उस बदलाव से होता है जो कोई समाज में ला सकता है। इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सनपाल फाउंडेशन है, जो सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे समुदायों और व्यक्तियों की सहायता के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका दर्शन इस विचार पर केंद्रित है कि धन तब अधिक सार्थक बनता है जब वह सकारात्मक बदलाव में योगदान देता है। सतीश सन पाल का परोपकार के प्रति दृष्टिकोण सतीश सन पाल के लिए, परोपकार पारंपरिक धर्मार्...
डॉ. अवनीश राही की ‘मैं भूख हूँ’ ने साहित्य में उठाया बड़ा सवाल, साइना नेहवाल ने किया लोकार्पण
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डॉ. अवनीश राही की ‘मैं भूख हूँ’ ने साहित्य में उठाया बड़ा सवाल, साइना नेहवाल ने किया लोकार्पण

71 काव्य-रचनाओं की त्रि-आयामी युग–काव्य–संहिता को विश्व कीर्तिमान की मान्यता; राही को मिला वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान नई दिल्ली,25 अगस्त: भूख को यदि केवल पेट की आवश्यकता मान लिया जाए तो उसका अर्थ सीमित हो जाता है। लेकिन जब वही भूख रोटी से आगे बढ़कर शिक्षा, न्याय, सम्मान, अवसर और समानता का प्रश्न बन जाए, तब वह केवल सामाजिक समस्या नहीं रहती—वह साहित्य का विषय भी बन जाती है। डॉ. अवनीश राही की “मैं भूख हूँ : एक युग–काव्य–संहिता” (रोटी से राष्ट्र तक की वेदना) इसी व्यापक दृष्टि के साथ सामने आई है। नई दिल्ली में 22 अगस्त को आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक शब्दोत्सव में इस कृति का भव्य लोकार्पण पद्म भूषण एवं विश्वप्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने किया। इसी अवसर पर डॉ. राही को “वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान” से सम्मानित किया गया। काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस एलएलपी के तत्वावधान में आयोजित समारोह ...
डॉ. अवनीश राही की ‘मैं भूख हूँ’ ने साहित्य में उठाया बड़ा सवाल, साइना नेहवाल ने किया लोकार्पण
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डॉ. अवनीश राही की ‘मैं भूख हूँ’ ने साहित्य में उठाया बड़ा सवाल, साइना नेहवाल ने किया लोकार्पण

71 काव्य-रचनाओं की त्रि-आयामी युग–काव्य–संहिता को विश्व कीर्तिमान की मान्यता; राही को मिला वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान नई दिल्ली,25 अगस्त: भूख को यदि केवल पेट की आवश्यकता मान लिया जाए तो उसका अर्थ सीमित हो जाता है। लेकिन जब वही भूख रोटी से आगे बढ़कर शिक्षा, न्याय, सम्मान, अवसर और समानता का प्रश्न बन जाए, तब वह केवल सामाजिक समस्या नहीं रहती—वह साहित्य का विषय भी बन जाती है। डॉ. अवनीश राही की “मैं भूख हूँ : एक युग–काव्य–संहिता” (रोटी से राष्ट्र तक की वेदना) इसी व्यापक दृष्टि के साथ सामने आई है। नई दिल्ली में 22 अगस्त को आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक शब्दोत्सव में इस कृति का भव्य लोकार्पण पद्म भूषण एवं विश्वप्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने किया। इसी अवसर पर डॉ. राही को “वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान” से सम्मानित किया गया। काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस एलएलपी के तत्वावधान में आयोजित समारोह ...
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सूरत में पहली बार तीन दिवसीय ‘कृष्णोत्सव’: भक्ति, प्रेम और उत्सव का अनूठा संगम

सूरत (गुजरात) [भारत],19 अगस्त: जन्माष्टमी के पावन पर्व को आधुनिकता और आध्यात्मिक अनुभूति के अनूठे संगम के साथ मनाने के लिए सूरत में पहली बार तीन दिवसीय भव्य ‘कृष्णोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रो क्रिएट इवेंट्स की ओर से 29, 30 और 31 अगस्त को सूरत एयरपोर्ट के पास सूरत-डुमस रोड स्थित अद्वैता बॉलरूम एंड लॉन्स में यह विशेष डिवोशनल म्यूजिक कॉन्सर्ट आयोजित होगा। जन्माष्टमी के अवसर पर 29, 30 और 31 अगस्त को भव्य डिवोशनल म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन 150 फीट के विशाल मंच पर आधुनिक तकनीक के साथ नई पीढ़ी के लिए कृष्ण भक्ति का नया अनुभव सूरत में ही बनेगा वृंदावन-मथुरा जैसा माहौल; तीन दिनों में कुल लगभग 5,000 लोग शामिल होने की उम्मीद आयोजक पर्व परमार ने बताया कि यह केवल पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि कृष्ण के जीवन, उनके प्रेम और जीवन-दर्शन को नई पीढ़ी तक आधुनिक संगीत, लाइव परफॉर्मेंस और इम...
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सूरत में पहली बार तीन दिवसीय ‘कृष्णोत्सव’: भक्ति, प्रेम और उत्सव का अनूठा संगम

सूरत (गुजरात) [भारत],19 अगस्त: जन्माष्टमी के पावन पर्व को आधुनिकता और आध्यात्मिक अनुभूति के अनूठे संगम के साथ मनाने के लिए सूरत में पहली बार तीन दिवसीय भव्य ‘कृष्णोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रो क्रिएट इवेंट्स की ओर से 29, 30 और 31 अगस्त को सूरत एयरपोर्ट के पास सूरत-डुमस रोड स्थित अद्वैता बॉलरूम एंड लॉन्स में यह विशेष डिवोशनल म्यूजिक कॉन्सर्ट आयोजित होगा। जन्माष्टमी के अवसर पर 29, 30 और 31 अगस्त को भव्य डिवोशनल म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन 150 फीट के विशाल मंच पर आधुनिक तकनीक के साथ नई पीढ़ी के लिए कृष्ण भक्ति का नया अनुभव सूरत में ही बनेगा वृंदावन-मथुरा जैसा माहौल; तीन दिनों में कुल लगभग 5,000 लोग शामिल होने की उम्मीद आयोजक पर्व परमार ने बताया कि यह केवल पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि कृष्ण के जीवन, उनके प्रेम और जीवन-दर्शन को नई पीढ़ी तक आधुनिक संगीत, लाइव परफॉर्मेंस और इम...
क्या Phone आपको आपसे बेहतर जानता है? गुरुमां योगिता खत्री ने बताई Digital Habits की सच्चाई
लाइफस्टाइल

क्या Phone आपको आपसे बेहतर जानता है? गुरुमां योगिता खत्री ने बताई Digital Habits की सच्चाई

एक शाम एक युवा लड़की मेरे सामने बैठी थी। बातचीत के बीच अचानक उसका phone vibrate हुआ। उसने बात रोक दी, screen देखी, message का जवाब दिया और फिर phone table पर रख दिया। कुछ ही मिनट बाद फिर वही हुआ। मैंने उससे पूछा, “क्या कोई बहुत जरूरी message था?” उसने मुस्कुराकर कहा, “नहीं… बस check कर रही थी।” यही “बस check कर रही थी” शायद आज की digital generation की सबसे सामान्य आदतों में से एक है। हम phone को तब भी देखते हैं जब कोई notification नहीं आया होता। हम screen unlock करते हैं, बिना किसी स्पष्ट कारण के। कभी-कभी हमें यह भी याद नहीं रहता कि phone क्यों उठाया था। और शायद यहीं से एक बड़ा सवाल शुरू होता है: क्या हम अपने phones का इस्तेमाल कर रहे हैं, या धीरे-धीरे हमारे phones हमारी आदतों का इस्तेमाल करने लगे हैं? Phone केवल Device नहीं रहा एक समय mobile phone communication का साधन था। आज वह हमारी ala...
क्या Phone आपको आपसे बेहतर जानता है? गुरुमां योगिता खत्री ने बताई Digital Habits की सच्चाई
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क्या Phone आपको आपसे बेहतर जानता है? गुरुमां योगिता खत्री ने बताई Digital Habits की सच्चाई

एक शाम एक युवा लड़की मेरे सामने बैठी थी। बातचीत के बीच अचानक उसका phone vibrate हुआ। उसने बात रोक दी, screen देखी, message का जवाब दिया और फिर phone table पर रख दिया। कुछ ही मिनट बाद फिर वही हुआ। मैंने उससे पूछा, “क्या कोई बहुत जरूरी message था?” उसने मुस्कुराकर कहा, “नहीं… बस check कर रही थी।” यही “बस check कर रही थी” शायद आज की digital generation की सबसे सामान्य आदतों में से एक है। हम phone को तब भी देखते हैं जब कोई notification नहीं आया होता। हम screen unlock करते हैं, बिना किसी स्पष्ट कारण के। कभी-कभी हमें यह भी याद नहीं रहता कि phone क्यों उठाया था। और शायद यहीं से एक बड़ा सवाल शुरू होता है: क्या हम अपने phones का इस्तेमाल कर रहे हैं, या धीरे-धीरे हमारे phones हमारी आदतों का इस्तेमाल करने लगे हैं? Phone केवल Device नहीं रहा एक समय mobile phone communication का साधन था। आज वह हमारी ala...
गुजरात में Progress Alliance के VANDAN कार्यक्रम में 2,000+ लोगों ने किया माता-पिता का सम्मान
लाइफस्टाइल

गुजरात में Progress Alliance के VANDAN कार्यक्रम में 2,000+ लोगों ने किया माता-पिता का सम्मान

माता-पिता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भारतीय संस्कारों को मजबूत करने के उद्देश्य से Progress Alliance के नेतृत्व में आयोजित “VANDAN” कार्यक्रम ने गुजरात में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया। VANDAN कार्यक्रम में 2,000 से अधिक लोगों ने अपने माता-पिता का वंदन किया और उनका आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा— “माता-पिता के चरणों में ही चारधाम है।” आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में जहां लोग अपने काम और व्यवसाय में व्यस्त रहते हैं, वहीं VANDAN ने लोगों को अपनी जड़ों और माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श किए, उनका सम्मान किया और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कई भावुक पलों में माता-पिता और बच्चों के बीच प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद का सुंदर दृश्य देखने को मिला। Progress Alliance का मानना है कि वास्तविक विका...
गुजरात में Progress Alliance के VANDAN कार्यक्रम में 2,000+ लोगों ने किया माता-पिता का सम्मान
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गुजरात में Progress Alliance के VANDAN कार्यक्रम में 2,000+ लोगों ने किया माता-पिता का सम्मान

माता-पिता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भारतीय संस्कारों को मजबूत करने के उद्देश्य से Progress Alliance के नेतृत्व में आयोजित “VANDAN” कार्यक्रम ने गुजरात में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया। VANDAN कार्यक्रम में 2,000 से अधिक लोगों ने अपने माता-पिता का वंदन किया और उनका आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा— “माता-पिता के चरणों में ही चारधाम है।” आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में जहां लोग अपने काम और व्यवसाय में व्यस्त रहते हैं, वहीं VANDAN ने लोगों को अपनी जड़ों और माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श किए, उनका सम्मान किया और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कई भावुक पलों में माता-पिता और बच्चों के बीच प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद का सुंदर दृश्य देखने को मिला। Progress Alliance का मानना है कि वास्तविक विका...
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गुरुपूर्णिमा: अखिल विश्व गायत्री परिवार की ‘महाशक्ति की लोकयात्रा’ संपन्न, नारी शक्ति का संदेश

शांतिकुंज, हरिद्वार के महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती शैफाली पंड्या अपना उद्बोधन देती हुईं। मुंबई (महाराष्ट्र),3 अगस्त: गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा मुंबई के बोरीवली स्थित प्रबोधनकर ठाकरे सभागार में ‘महाशक्ति की लोकयात्रा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। आध्यात्मिक चेतना, गुरु परंपरा, नारी सशक्तिकरण और संस्कार निर्माण पर केंद्रित इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज, हरिद्वार के महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती शैफाली पंड्या की गरिमामयी उपस्थिति और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद परम वंदनीया श्रीमती भगवती देवी शर्मा (माताजी) के जीवन, व्यक्तित्व और समाज निर्...